कुंडली में गुरु दोष: पहचान, प्रभाव और उपाय
ज्योतिष शास्त्र में गुरु (बृहस्पति) को ज्ञान, धर्म, भाग्य, विवाह, संतान, धन और नैतिकता का कारक माना गया है। जब कुंडली में गुरु कमजोर, अस्त या दोषग्रस्त हो जाता है, तो व्यक्ति के जीवन में अनेक बाधाएँ आने लगती हैं। इसी स्थिति को गुरु दोष कहा जाता है।
AstroInduSoot के अनुभवी ज्योतिषियों के अनुसार, गुरु दोष जीवन की दिशा को प्रभावित करता है, लेकिन सही समय पर इसकी पहचान और उचित ज्योतिषीय मार्गदर्शन से इसके नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है।
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कुंडली में गुरु दोष क्या होता है?
जब बृहस्पति ग्रह पाप ग्रहों (राहु, केतु, शनि) से पीड़ित हो, नीच राशि में हो, अस्त हो या छठे, आठवें या बारहवें भाव में कमजोर स्थिति में हो, तब कुंडली में गुरु दोष बनता है।
यह दोष व्यक्ति के भाग्य, रिश्तों और आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है।
कुंडली में गुरु दोष की पहचान कैसे करें?
आप अपनी जन्म कुंडली या Kundli matching के समय निम्न संकेतों से गुरु दोष की पहचान कर सकते हैं:
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विवाह में बार-बार देरी या रिश्तों में समस्या
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पढ़ाई या करियर में मेहनत के बावजूद सफलता न मिलना
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धन आते ही खर्च हो जाना
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आत्मविश्वास की कमी और सही निर्णय न ले पाना
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गुरु, पिता या मार्गदर्शक से मतभेद
यदि आपकी Horoscopes या Daily horoscope में बार-बार गुरु से संबंधित नकारात्मक संकेत आ रहे हों, तो यह गुरु दोष का संकेत हो सकता है।
गुरु दोष के जीवन पर प्रभाव
गुरु दोष का प्रभाव जीवन के कई क्षेत्रों में दिखाई देता है:
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विवाह और वैवाहिक जीवन: विवाह में रुकावट, तलाक या तनाव
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करियर और शिक्षा: उच्च शिक्षा में बाधा, प्रमोशन में देरी
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धन और भाग्य: भाग्य का साथ न मिलना, आर्थिक अस्थिरता
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मानसिक स्थिति: भ्रम, गलत फैसले, तनाव
अक्सर लोग horoscope today देखकर सोचते हैं कि समस्या अस्थायी है, लेकिन लंबे समय तक यही स्थिति बनी रहे तो गुरु दोष की जांच आवश्यक हो जाती है।
गुरु दोष दूर करने के प्रभावी ज्योतिष उपाय
🔸 1. गुरुवार का व्रत
गुरुवार का व्रत रखने से बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है और भाग्य में सुधार आता है।
🔸 2. पीले रंग का प्रयोग
गुरुवार को पीले वस्त्र पहनें और पीली दाल, हल्दी या केले का दान करें।
🔸 3. गुरु मंत्र जाप
गुरुवार को इस मंत्र का 108 बार जाप करें:
“ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः”
🔸 4. पुखराज रत्न धारण
ज्योतिष सलाह के बाद ही पुखराज पहनें, इससे गुरु दोष में कमी आती है।
🔸 5. गुरु और ब्राह्मण का सम्मान
गुरु दोष को शांत करने के लिए गुरुजनों और ब्राह्मणों का सम्मान अत्यंत आवश्यक माना गया है।
गुरु दोष और वास्तु का संबंध
कई बार गुरु दोष का प्रभाव घर के वातावरण से भी बढ़ जाता है। Vastu के अनुसार यदि घर का उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दूषित हो, तो गुरु कमजोर हो सकता है।
ऐसे में सही Vastu consultation से घर की ऊर्जा को संतुलित कर गुरु दोष के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
निष्कर्ष
कुंडली में गुरु दोष जीवन में रुकावटें जरूर लाता है, लेकिन सही ज्योतिषीय उपाय, नियमित Horoscopes, Daily horoscope और उचित Vastu consultation से इसके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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